top of page

Beyond
Times
Random Thoughts ...
This blog is about expressing and sharing thoughts which are not structured and can be termed as random. Randomness has its own charm and beauty which is often nostalgic and Beyond Times.
Search


गर्मियों की साँझ
गर्मियों की साँझ है | आँगन में दूर तक पसरी हैं उँघती बेहोश धूप की किरणें | सामने की खिड़की से आ रहे हैं पेड़ों के सूखे गिरे बेरंग पत्ते |...

Manoj Mittal
Sep 13, 20232 min read


ख्बाबों की तलाश
मेरे ख्बाब पेड़ों की शाखों पर उगते थे देखने- उगता सूरज सामने पहाड़ी पर चढ़ जाते थे दरिया की लहरों पर हिचकोले खाते थे भर उड़ान आसमाँ में खो...

Manoj Mittal
Sep 3, 20232 min read


आज़ादी की सालगिरह
आज़ादी की सालगिरह आई है फिर तिरंगा फहराया जाएगा तकरीरें होंगी और होंगी कसमें आज़ादी की | हमने भी आज़ादी मे आँखें खोली थी आज़ाद फिज़ा में ली थी...

Manoj Mittal
Aug 13, 20232 min read


अनजाना अहसास
मन में विश्वास की शिला का दरक सा जाना | एकाकीपन के अहसास का फिर उभर आना | आखों की नमी का सूख सा जाना | ज़िंदगी के साथ जुड़े नाजुक रिश्ते का...

Manoj Mittal
Aug 9, 20232 min read
bottom of page







