top of page

Beyond
Times
Random Thoughts ...
This blog is about expressing and sharing thoughts which are not structured and can be termed as random. Randomness has its own charm and beauty which is often nostalgic and Beyond Times.
Search


जीवन यात्रा
बीता जीवन- सोचते विचारते क्या है जीवन और जीवन यात्रा ? साँसों के आने से साँसों के जाने तक साँसों की सिर्फ एक आदत ? मृत्युलोक मे आने से...

Manoj Mittal
Sep 17, 20241 min read


यादों की यादें
गुजरा मै जब यादों की गुज़रगाहों से तो बिसरी यादों की बहुत याद आई | दिखा तन्हा बेबस और जर्जर वो मकान जो कभी बेहनूर था मेरी खुशियों का पनाहगार | खड़ा था सूखा बेरंग वो दरख्त टकते थे शाखों पे जिसकी हरदम मेरे सपनों के लम्हे | सब्ज़ था जो कभी वो बाग था ना वो अमराई सूखे पत्तों में छुपाये उन आमों की बहुत याद आई | आसमाँ -दिन मे था जो आसमानी रात ढले - सितारों जड़ी चादर सा अपने हिस्से के उस आसमाँ की बेहद याद आई | आँगन में उतरती शाम की बेजान धूप तो थी पर कहाँ गुम थी खिलखिलाती वो

Manoj Mittal
Sep 9, 20242 min read


चरागों का सफर
कविता लिखना - समन्दर में डूब खूबसूरत सीपियाँ ढूँढ लाने जैसा है | समन्दर ,गहरे पानी का हो या तुम्हारी खोई खोई सी आखों का या चाहे बंद...

Manoj Mittal
Jul 17, 20241 min read


गर्मियों की साँझ
गर्मियों की साँझ है | आँगन में दूर तक पसरी हैं उँघती बेहोश धूप की किरणें | सामने की खिड़की से आ रहे हैं पेड़ों के सूखे गिरे बेरंग पत्ते |...

Manoj Mittal
Sep 14, 20232 min read


ख्बाबों की तलाश
मेरे ख्बाब पेड़ों की शाखों पर उगते थे देखने- उगता सूरज सामने पहाड़ी पर चढ़ जाते थे दरिया की लहरों पर हिचकोले खाते थे भर उड़ान आसमाँ में खो...

Manoj Mittal
Sep 4, 20232 min read


आज़ादी की सालगिरह
आज़ादी की सालगिरह आई है फिर तिरंगा फहराया जाएगा तकरीरें होंगी और होंगी कसमें आज़ादी की | हमने भी आज़ादी मे आँखें खोली थी आज़ाद फिज़ा में ली थी...

Manoj Mittal
Aug 14, 20232 min read


अनजाना अहसास
मन में विश्वास की शिला का दरक सा जाना | एकाकीपन के अहसास का फिर उभर आना | आखों की नमी का सूख सा जाना | ज़िंदगी के साथ जुड़े नाजुक रिश्ते का...

Manoj Mittal
Aug 10, 20232 min read
bottom of page











